नन्दी पे बिठा के तू घूमा दे भोले जोगियां
नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगियां,देखूँ सारा सँसार, चले पर्वत के उस पार,दुनियाँ देखन दे देखन दे,कलयुग का ये दौर,गौरा बदली सारी दुनियाँ,बड़ा स्वार्थी सँसार, वहाँ जाना है बेकार,तप कर लेन दे कर लेन दे,नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगियाँ।। कैसी भोले तुमने दुनियाँ बनाई, देखूँगी एक बार हो,पापी … Read more