शिव कैसा खेल रचाया है
शिव कैसा खेल रचाया है,ये मेरी समझ नहीं आया है,शिव कैसा खेल रचाया है,ये मेरी समझ नहीं आया है।। तूने कैसे तो आकाश बनाये,तूने कैसे तो आकाश बनाये,नहीं खंभा एक लगाया है,ये मेरी समझ नहीं आया है,शिव कैसा खेल रचाया है,ये मेरी समझ नहीं आया है।। तूने तरह तरह के पेड़ बनाये,तूने तरह तरह के … Read more