
हमारे प्रेमानंद महाराज हमे प्राणों से प्यारे हैं
Humare Premanand Maharaj Hume Prano Se Pyare Hai
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
हमे प्राणों से प्यारे हैं, हमे प्राणों से प्यारे हैं
लाडली लाल के प्यारे, लाडली लाल के प्यारे,
लाडली लाल के प्यारे, श्रीहित हरिवंश दुलारे हैं
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
आनंद कंद, प्रेम की मूरत, गोविंद शरण प्रेमानंद
सदा सखी भाव में रहते राधा रस मतवारे है
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
हर उलझन को सुलझाते, वेद शास्त्र की नीति से
ज्ञान गुण सागर ब्रह्मज्ञानी, संतों में न्यारे हैं
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
शारीरिक कष्ट हैं फिर भी, स्वस्थ और मस्त हैं मन से
नूर भक्ति का है मुख पर, राधा नाम सहारे हैं
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
क्षेत्र सन्यास के कारण, वृन्दावन बाहर ना जाते हैं
यात्रा पांच कोसी की, प्रेम से करते सारे हैं
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
श्रीहित राधा केली कुंज में, हरि चर्चा सुनाते हैं
मधुपहरि भक्त हजारों ही, नित दर्श दीदारे हैं
हमारे प्रेमानंद महाराज, हमे प्राणों से प्यारे हैं
Humare Premanand Maharaj Hume Prano Se Pyare Hai – Premanand Maharaj Bhajan