जब जिद पे आ गई पार्वती

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जब जिद पे आ गई पार्वती

Jab Jid Pe Aa Gai Parvati Song

शंभू, शिव शंभू भोलेनाथ
शंभू, शिव शंभू भोलेनाथ

जब जिद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि

काय जिद कर रहीं काय को मर रहीं
काय जिद कर रहीं? काय को मर रहीं ऐसे वर के लाने?
काय जिद कर रहीं? काय को मर रहीं ऐसे वर के लाने?

जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप

इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते, “भोलेनाथ”, “भोलेनाथ”
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप
इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते, “भोलेनाथ”, “भोलेनाथ”

ना खपरा, ना छपरा, ना फूँस की धरैं मड़इया
का खावे, को धरौ वहाँ, बस रोवत रहत लड़इया

ना खपरा, ना छपरा, ना फूँस की धरैं मड़इया
का खावे, को धरौ वहाँ, बस रोवत रहत लड़इया

भेष धरैं अवधूत फिरैं, अब तुमसे का कहें, बिन्नू
टोड़ा-डँगड़ ले घूमें, वे बिनकैं कछुए नइयाँ

के बिनकैं कछुए नइयाँ
काय जिद कर रहीं? काय तप कर रहीं?
काय जिद कर रही? काय को मर रही ऐसे वर के लाने?

हाँ, ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप

इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते, “भोलेनाथ”, “भोलेनाथ”
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप
इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते, “भोलेनाथ”, “भोलेनाथ”

शंभू, शिव शंभू भोलेनाथ
शंभू, शिव शंभू भोलेनाथ

जटा-लटा ना कबहूँ सँवारे, दीसत महा भयंकर
मूड़ पे आधो चंदा और बेला पे घूमे शंकर

जटा-लटा ना कबहूँ सँवारे, दीसत महा भयंकर
मूड़ पे आधो चंदा और बेला पे घूमे शंकर

राम नाम के रसिया हैं वे, और उन्हें का चाहने
कामदेव के मर्दनहारी, घर-गृहस्थी का जाने

वे घर-गृहस्थी का जाने
काय जिद कर रहीं? काय को मर रहीं?
अरे, काय जिद कर रहीं? काय तप कर रही ऐसे वर के लाने?

बिन्नू, ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप

इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते, “भोलेनाथ”, “भोलेनाथ”
जाके सीस पे गंगा और गले में डारैं फिर रहे साँप
इतने सीधे-साधे हैं, सब कहते, “भोलेनाथ”, “भोलेनाथ”

भोले, बम भोले भोले, बम भोले
भोले, बम भोले भोले, बम भोले
जय-जय शिव शंभू
जय-जय शिव शंभू

Parvati Song from Hanuman Ansh Lyrics:

Jab zid pe aa gayi Parvati
Samjhaane pahunche Saptarishi

Kaay zid kar rai
Kaay ko mar rai
Aise var ke laane

Jaake sees pe Ganga
Aur gale mein daare phir rahe saanp

Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath

Na khapra na chhapra
Na phoos ki dhare madaiya

Ka khaave ko dharo wahaan
Bas rovat rahat ladaiyaa

Bhesh dhare avadhoot phire,
Ab tumse ka kahe

Binnu Dora daangar le ghoomein
Ve inke kachhue naiyya

Kaay zid kar rai
Kaay ko mar rai
Aise bar ke laane

Jaake sees pe Ganga
Aur gale mein daare phir rahe saanp

Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath

Jataa lataa na kabahu sanwaare
Deesat maha bhayankar

Moodh pe aadho chanda
Aur belaa pe ghoome Shankar

Ram naam ke rasiya hain ve
Aur unhein kya chaahne

Kaamdev ke mardanhaari
Ghar-grihasthi kya jaane

Are ghar-grihasthi kya jaane

Kaay zid kar rai
Kaay tap kar rai
Aise bar ke laane

Jaake sees pe Ganga
Aur gale mein daare phir raye saanp

Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath

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