मेरी औकात क्या
हे श्याम धणी सरकार मेरे इतनी कृपा भी कीजियेमैं चरण तिहारे आन पड़ा मुझको शरण में लीजिये मेरी औकात क्या मेरी औकात क्यामैं तेरी रेहमत का………….तेरी रेहमत का बाबा तलबगार हूँमेरी औकात क्या …………….. लगी ठोकर तो बाबा संभल ना सकाइस माया की दल से निकल ना सकाकैसे आऊं मैं बाबा लाचार हूँमेरी औकात क्या … Read more