यूं न बोले गोरा रानी सावन का मेरे रंग चढ़ गया
मेरी जान मरण में आ री से किसा लोक नसेड़ी गल पड़ गया,यूं न बोले गोरा रानी सावन का मेरे रंग चढ़ गया।। ला दे घोटा भर ला लोटा प्यास भुजा दे भोले की,पीवण की तेरी लिमट रहे न बात यही है रोले की,थोड़े में तेरा काम न चाले पार भोले तू लिमट कर गया,यूं … Read more