सुनते हो श्याम सब की सुनलो ज़रा हमारी
सुनते हो श्याम सब की सुनलो ज़रा हमारी,सुनलो जरा हमारी इक आस है तुम्हारी,हम भी शरण हैं तेरी कर दो दया बिहारी।। अश्कों से घूँट पी के ज़ख्मों को अपने सीतें,जीवन ये यूँही बीते विपदा पड़ी है भारी,सुनते हो श्याम सब की सुनलो ज़रा हमारी,सुनलो जरा हमारी इक आस है तुम्हारी,हम भी शरण हैं तेरी … Read more