तेरी दीवानी जो ना होती
की मुझसे प्रीत कान्हा खोटीकऊएं को खिलाई माखन रोटीतेरी दीवानी जो ना होतीसारी उम्र वृह में ना रोतीसारी उम्र वृह में ना रोती।। उद्धार मौर का कर दियासिर मौर मुकट धर लियाकी मुझसे प्रेम लीला झूठीकऊएं को खिलाई माखन रोटी।। जैसे बंसी अधर लगाती तूऐसी मुझसे प्रीत निभाती तूतर जाती चरण जो लगाई होतीकऊएं को … Read more