भर जाती सब की झोली माँ के दरबार में
भर जाती सब की झोली माँ के दरबार में,मेरी माँ से बढ़ के दूजा न कोई संसार में,माँ सब की पार है करती नैया मझधार में,मेरी माँ से बढ़ के दूजा न कोई संसार में।। माँ से बढ़ के इस दुनिया में कोई नहीं है और सहारा,आंबे मैया के चरणों में मिल जाता है सब … Read more