रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है Roti Hui Aankhon Ko Mere Shyam Hasate Hai रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है, जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता … Read more