क्यों रूठ गई बृषभानु लली हमे तेरा ही इक सहारा है
क्यों रूठ गई बृषभानु ललीहमे तेरा ही इक सहारा है,हमे तेरा ही इक सहारा है।। ऐसी कौन सी भूल हुई भारी,ब्रिज मंडल से कर गई न्यारी ,मैं तो सदा सी चुकान हारी है,क्यों रूठ गई बृषभानु ललीहमे तेरा ही इक सहारा है,पर भाव शमा का तुम्हरा है।। कब किरपा करोगी मम श्यामलयु,श्री कृष्ण पिया अली … Read more