कितना प्यारा जग से न्यारा मेरी मैया का दरबार है मैने देखा है
कितना प्यारा जग से न्यारा मेरी मैया का दरबार है मैने देखा है उन्हे उँचे पर्वत मोहककल कल करती नदियाढूंड में दिखता मंदिरआँख मिचोली करता हैमैने देखा है कितना प्यारा जग से न्याराजगसे न्यारा सबसे प्यारामेरी मैया का दरबार हैमैने देखा है इसके दर बिगड़ी बन जातीपल भर में झोली भर जातीश्रद्धा से जो दर … Read more