श्यामजी रंगीला मोहे शरण में लीजिये
श्यामजी रंगीला मोहे शरण में लीजियेदृष्टि दया की मोपे कर दीजिये।। सदियां सैं बाबा मैं तो, चाकरियो थारो हूँ,फेर भी दयालु देवा, कैंया दुखियारो हूँ,सिन्धु बीच न्याव बाबा, श्याम पार कीजिये ।।दृष्टि दया की मोपे, श्याम कर दीजिये ।। जोर जैंको चालै जैं पर, बैंसू कर जोड़ के,दूसरो ना दिखै कोई, सांवरै नै छोड़ कै,दास … Read more