बैकुंठ गर दोगी मैया भूलेंगे हर बारी
बैकुंठ गर दोगी मैयाभूलेंगे हर बारीहोसके तो नरक ही देनाअति रहे तेरी याद बैकुंठ गर होगी मैयाभूलेंगे हर बारीहोसाके तो नरक ही देनाअति रहे तेरी याद ऐसा सुख का क्या मां करनाजो है तुझको भुलाये नौ माहे तो पेट में रख्खारकात हमें है पिलाये अपना जीवन कश्त में काट केहम संसार दिखलाये दूध का तेरे … Read more