हर देश में तू हर भेष में तू तेरे रूप अनेक तू एक ही है
हर देश में तू हर भेष में तू तेरे रूप अनेक तू एक ही है Her Desh Mein Tu Har Bhesh Mein Tu Tere Roop Anek Tu Ek Hi Hai हर जगह हाज़िर है नज़ीरपर नज़र आता नहीं योग साधना के बिना उसको कोई पता नहीं हर देश में तू हर भेष में तूहर देश … Read more