शिव शंकर मेरे शम्भू नाथ रे
शिव शंकर मेरे शम्भू नाथ रे,तीनो लोक में महिमा अप्रम पार रे।। सिर माथे चंदा रमा की चमकार रे,तेरी जटा से निकले गंगा की धार रे,शिव शंकर मेरे शम्भू नाथ रे,तीनो लोक में महिमा अप्रम पार रे।। देवो के देव मेरे शिव दातारि है,हाथो में जिसके डमरू त्रि नेत्र धारी है,शिव कल्याण कारी महात्रिपुरारी है,रुदर … Read more