प्रभु जय कपि बलवंता सुर नर मुनिजन वंदित हनुमान आरती
जय कपि बलवंता प्रभु जय कपि बलवंता,सुर नर मुनिजन वंदित सुर नर मुनिजन वंदित,पदरज हनुमंता जय कपि बळवंता,प्रभु जय कपि बलवंता प्रभु जय कपि बलवंता।। प्रौढ़ प्रताप पवनसुत त्रिभुवन जयकारी,प्रभु त्रिभुवन जयकारी असुर रिपु मद गंजन,असुर रिपु मद गंजन भय संकट हारी,जय कपि बळवंता प्रभु जय कपि बलवंता।। भूत पिशाच विकट ग्रह,पीड़त नही जम्पे प्रभु … Read more