चले है बाला जीवन में झीका बजाये
चले है बाला जीवन में झीका बजाये,कुटियाँ से निकले राम की आहट पाये।। नैनो में काजल कानो में बड़े कुण्डलगालो में मूछ दादी ढाड़ी हाथ में कमंडल,हुआ समना तो प्रभु हेरत में आये,चले है बाला जीवन में झीका बजाये।। देखत है राम टुकर टुकर मुस्कुरा केहनुमत के हिरदये में वो खुद को ही पा के,असल … Read more