भगवद गीता सार लिरिक्स हिंदी में
भगवद गीता सार लिरिक्स हिंदी में Bhagavad Gita Saar with Lyrics In Hindi यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत, अभ्युथानम् अधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् |परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च: दुष्कृताम, धर्मं संस्थापनार्थाय सम्भावामी युगे युगे || जब-जब धर्म की हानि होती है.. और अधर्म की वृद्धि होती है;सज्जनों की रक्षा के लिए..दुष्टों का नाश करने के लिए … Read more