राम लखन और जानकी जय बोलो हनुमान की
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारबरनौ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारिबुद्धिहीन तनु जानि के, सुमिरौ पवन कुमारबल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहुं कलेश विकार।। जिनके मन में सदा विराजेलखन राम और जानकीजिनके मन में सदा विराजेलखन राम और जानकीध्यान करो उन्न बजरंगी काचिंता मिटे जहाँ कीध्यान करो उन्न बजरंगी काचिंता … Read more