ये दूरी ये जुदाई मुझे ना रास आई मेरे लखदातार
ये दूरी ये जुदाई मुझे ना रास आईतेरे बिना ये संसार सुनले मेरे लखदातारलगे जैसे हो गहरी खाईये दूरी ये जुदाई मुझे ना रास आई जिस और जहाँ भी मैं देखूंधोखा और झूठ नज़र आयेमोहमाया और रिश्ते नातेसब छल से मिले बशर आयेइनसे होके मैं लाचार आया तेरे दरबारझूठी प्रीत ना मुझको भायीये दूरी ये … Read more