मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारी बजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी
मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारीबजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी।। मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारीबजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी।। घिस घिस के चन्दन तिलक मैं लगाऊघिस घिस के चन्दन तिलक मैं लगाऊगूंथ गूंथ फूलो की माला मैं पहनाऊभक्तो ने भक्तो ने मिलकर तेरी आरती उतारीबजरंग की … Read more