मुझे श्याम सहारा मिल गया अब और भला क्या मांगू
मुझे श्याम सहारा मिल गया अब और भला क्या मांगूमुझे साथी प्यारा मिल गया अब और भला क्या मांगूमेरी नैया थी मझधार कर दी श्याम ने इसको पारअब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूंडूबे को किनारा मिल गया अब और भला क्या मांगूमुझे श्याम सहारा मिल गया अब और भला क्या मांगू।। जब वक़्त बुरा था … Read more