देखा ना वीर हनुमान जैसा
देखा ना वीर हनुमान जैसा,तीरथ ना देखा प्रयाग जैसा,नाग नहीं कोई शेषनाग जैसा,चिन्ह नहीं कोई सुहाग जैसा,तेज नहीं कोई भी आग जैसा,जल नहीं कोई गंगाजल जैसा,फूल नहीं कोई कमल जैसा,विषैला ना कोई गरल जैसा,आज नहीं दिन देखा कल जैसा,जान लिया मान लिया,सबको पहचान लिया,चंदा भी देखा और तारे भी देखे,चंदा भी देखा और तारे भी … Read more