काहे प्राणी भटक रहा है जीवन है अनमोल रे
सीता राम सीता राम, सीता राम बोल,राधे श्याम राधे श्याम, राधे श्याम बोलकाहे प्राणी भटक रहा है, जीवन है अनमोल रे,सीता राम सीता राम, सीता राम बोल,राधे श्याम राधे श्याम, राधे श्याम बोल ll न कर बंदे मेरी मेरी, जीवन ख़ाक की ढेरी llचार दिनों की चाँदनी है, और फिर है रात अँधेरी lधर्मराज के … Read more