तेरी चटक चुनरिया ना ओढू मैं रसिया
तेरी चटक चुनरिया ना ओढू मैं रसियालायी दे जलेबी जा में रस टपकेजेठ का महीना रंग जले रे मोरा गोरा गोरादिया दिया रे पीछे पडो रे अलीगढ का छोरा ।। तेरी चटक चुनरिया ना ओढू मैं रसियालायी दे चुनरी जा में रस टपके।। लेचल सिनेमा पैदल चालू ना मैंजल्दी माँगा हौंडा सिटी गाडीऐसा दी जे … Read more