काशी के वासी है अविनाशी
हर हर हर हर भोले,काशी के वासी है अविनाशी,दुःख भंगन सुख करता,काशी के वासी है अविनाशी,दुःख भंगन सुख करता,विषधर रे शम्भू परनेश्वर अलख निरंजन करता,दया के दृष्टि रखना हम पर,हे भुतेश्वर बाबा हे भुतेश्वर बाबाहे भुतेश्वर बाबा बम बम हर हर भोले।। हर हर हर हर भोले,विषयो से दूर हो तुम रिश्ता समेटे हुए,माया का … Read more