माँ तुझसा नही कोई जहान में
माँ तुझसा नही कोई जहान मेंन इस जमीन पे न आसमा पेतू सम्बाले हमे तू ही पाले हमेमुशकिलो से हमेशा निकाले हमेमाँ तुझसा नही कोई जहान में जब आंतक था असुरो का तबरन चंडी बन हुई सहाईचंड मुंड को मार गिरायाशुंभ निशुंभ की हस्ती मिटाईये है लिखा हर ग्रन्थ कथा मेंमाँ तुझ सा नही कोई … Read more