ऐसे किशोरी तुझे ढूंढ रहा
तू ही मेरे मन की अभिलाषा,तेरी सेवा निसदिन करता रहूं मैं,ऐसे किशोरी तुझे ढूंढ रहा,प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,ऐसे किशोरी तुझे ढूंढ रहा।। तू जो मेरे मन में वास करे,पाप से निसदिन बचता रहूँ मैं,ऐसे किशोरी तुझे खोज रहा,प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,ऐसे किशोरी तुझे ढूंढ रहा।। ना भावे मने माखन … Read more