हारे का सहारा तू तेरे भक्तों से सुनता हूँ
हारे का सहारा तू तेरे भक्तों से सुनता हूँआंसू मेरे बोल रहे तेरे पास क्यों आया हूँहारे का सहारा तू तेरे भक्तों से सुनता हूँ || जग से मैं नहीं हारा खुद को ही हराया हैजब वक़्त था पास मेरे मैंने व्यर्थ गंवाया हैमुझे मालूम है बाबा पापी से भी पापी हूँआंसू मेरे बोल रहे … Read more