मैं तेरा शुकर करूँ जीकर करू काहे फिकर करूँ
मैं तेरा शुकर करूँ जीकर करू काहे फिकर करूँआँखे नम हो जाए माँ जब बीते कल का ज़िकर करूँअपना आज जो देखूं मैया हर पल तेरा शुकर करूँमैं तेरा शुकर करूँ बड़ी सुनी है मैया मैंने इस दुनिया की बातेंश्रद्धा भाव से करता रहा माँ मैं तेरे जगरातेभक्ति में शक्ति है आंबे यही सोच के … Read more