थारी झुंझन नगरी सजने वाली ही है

झुंझनु की मैया म्हारा केवे जियाथारी झुंझनु नगरी सजने वाली ही हैसिंह की सवारी करने वाली ही है।। भादो का महिना है दादी ने बड़ा प्यारास्वर्ग सा लगता है धरती का नजारा।। कलकता से कोई माँ टाटा नगर से कोईमाँ चरणों में धोक लगाने लगे हैं।। टोला का टोला माँ गली मोहल्ला माँसंग मिलके जोत … Read more

रोवे क्यों भगत तू होवे क्यों अधीर

रोवे क्यों भगत तू होवे क्यों अधीरदादी से केह दे तेरी मनडे रे प्रीत।। दुःख देने वाली दुनिया दुःख के मिटा सीतेरा आँसू पोहचन ताई कौन है जो आई सीतेरा सबा प्यारा गा सी तेरे से ही दूरदादी से केह दे तेरी मन रे प्रीत।। माँ बेटा की जग में प्रीत है साँचीदुःख में है … Read more

जब तक हो दादी जीवन मेरा छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा

जब तक हो दादी जीवन मेरा,छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,तेरी सेवा में रहे अर्पण तन मन मेरा,जब तक हो दादी जीवन मेरा।। इतनी किरपा करना हर दम इस लायक रहु मैं,जब दिल चाहे मेरा तेरे ढांढन धाम में औ मैं,जी भर के करू मैं दर्शन तेरा,छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,जब तक हो दादी … Read more

ओढ़ चुनरिया लाल बैठी है दादी साज-धज के

ओढ़ चुनरिया लाल बैठी है दादी साज-धज के Odh Chunariya Laal Baithi Hai Dadi Saj Dhaj Ke ओढ़ चुनरिया लालबैठी है दादी साज-धज केदेख लो दादी का दरबारबैठी है दादी साज-धज के बीड़िया को रंग लाल तिहारोआँख्याँ को काजल है करोमुख पे है तेज अपारबैठी है दादी साज-धज के ओढ़ चुनरिया लालबैठी है दादी साज-धज … Read more

तीजया के सिंधारे में मैं दादी ने बुलावांगा

तीजया के सिंधारे में मैं दादी ने बुलावांगा,मैया जी का रल मिल के लाड लड़ावा गा।। पहलया तो चन्दन सो मह चौक पुरासाया जी,आंगन में केसरियां अंतर छड़का जा सी,चांदी ने चोंकि पर दादी ने बिठावा गा,तीजया के सिंधारे में मैं दादी ने बुलावांगा।। पाछे में फुलारा सोहना हार बना छा जी,चाँदी की थाली में … Read more

अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी

करे न जब तुझपे दवा दुआ कोई कामकिसी भी झाड़े से नहीं मिले आरामदादी से कहना तेरी तकलीफ मिटा देगीअपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी।। चुनरी दादी की जादगारी हैदादी को लगती सबसे प्यारी हैसोलह श्रृंगार दादी करती हैचुनरिया सब पे पड़ती भारी हैचुनरी में क्या जादू है तुझको दिखला देगीअपनी चुनरी तेरे सर … Read more