दरबार तो एक ही है सांवले सरकार का है
दरबार तो एक ही है सांवले सरकार का है,खाटू नरेश का है नीले पे सवार का है।। क्यों भटके हज़ार जगह मन एक पे अटका ले,इंकार नहीं करता कल पे भी नहीं ताले,अभी मांग अभी लेजा दिल ये दिलदार का है,दरबार तो एक ही है सांवले सरकार का है।। खाटू का श्याम धनि जब किरपा … Read more