जुल्मी बंसी बाजी आधी रात
जुल्मी बंसी बाजी आधी रात Julmi Bansi Baaje Aadhi Raat जुल्मी बंसी बाजी आधी रातनींदली बैरण हो गई जी म्हारा राज मन में घूमे मनड़े हाली बातनींदली बैरण हो गई जी म्हारा राज जीतो मधुरी बांसुरी ले गई मेरो निकालज्यूँ पंछी बिन पाँख को ऐसो मेरो हाल मनमोहन से यो ब्रज खा गयो मातनींदली बैरण … Read more