मोहे सुन सुन आवे हासी पानी में मीन प्यासी
मोहे सुन सुन आवे हासी पानी में मीन प्यासी,मोहे सुन सुन आवे हासी पानी में मीन प्यासी।। आतम ज्ञान बिना नर भटके कोई मथुरा कोई काशी,मिरगा न भी वसे कस्तूरी बन बन फिरत उदासी,पानी में मीन प्यासी…… जल बीच कवल कवल बीच कलियाँ,ता पर भवर निवासी,सो मन बस तिरलोक बहियो है यति सीत सन्यासी,पानी में … Read more