तुम्हें प्रीत मेरी निभानी पड़ेगी
तुम्हें प्रीत मेरी निभानी पड़ेगी,मुझे श्याम अपना बनाकर तो देखो,बिछा दूंगा पलकें राहों में तेरी,कभी मेरी कुटिया में आकर तो देखो ।। ये दहलीज घर की तुम्हें ही पुकारे ,आजा कन्हैया गरीबों के द्वारे ,भला हूँ बुरा हूँ मैं जैसा हूँ तेरा ,मेरी गलतियों को छुपाकर तो देखो ।। मैं नरसी नहीं हूँ नहीं हूँ … Read more