मैं खाटू वाले से मांगू क्या जब बिन मंगे ही पाया है
मैं खाटू वाले से मांगू क्या जब बिन मंगे ही पाया हैमैं तेरा दर न छोडूंगा मुझे तेरा सहारा है।। मैं जब भी आया दर तेरे मुझे एक तू ही भय हैतेरी चौखट ही बाबा मैंने सब कुछ ही पाया है।। मैंने देखा तेरा जलवा तू गिरतों को उठता हैतू जिसपे मोर छड़ी धार दे … Read more