बाबा ने सुनी म्हारे मन की आज कमी रही न धन की
बाबा ने सुनी म्हारे मन की आज कमी रही न धन की,बाबा का शुक्र मनावा जी,हम गुण बाबा के गावा जी।। जो सेठ जगत का मोटा,सब करा म्हारा तोटा,बाबा का शुक्र मनावा जी,हम गुण बाबा के गावा जी।। बाबा ने कर दी मौज माहरी नोटों से भरी रहे कोज महारी,ना देर करि इक छन की … Read more