बचपन से तुझे मैंने माना प्रभु
बचपन से तुम्हे मैंने माना प्रभुआज आकर भुलाना ये ठीक नहीं,हु तेरा ही तो मैं तू मेरा है प्रभुआज आँखे चुराना ये ठीक नहीं,बचपन से तुम्हे मैंने माना प्रभु।। तू तो जाने के दास कमजोर हैतेरा द्वारे खड़ा कर जोड़ है,फिर भी तू करता क्यों न दया की नजर,तेरे होते फिरू मारा मारा प्रभुदेख इतना … Read more