जब खुशियों की मारे पिचकारी रे
जब खुशियों की मारे पिचकारी रे,मेरे मन की खिली फुलवारी ,ऐसा मेरा संवारा सरकार,ऐसा मेरा संवारा दिलदार,है संवारा लखदातार,जब खुशियों की मारे पिचकारी रे।। जग में ऊंचा है इनका नाम,सारी दुनिया है इनकी गुलाम,जब सितारों के खोले पिटारी रे,चमकी किस्मत है पल में हमारी,जब खुशियों की मारे पिचकारी रे।। गली चौबारे में चर्चे आम ,झोली … Read more