ऐसी सुना जैसे उस दिन सुनाई थी
ऐसी सुना जैसे उस दिन सुनाई थी,काये की बांसुरियां वो तो काये से बनाई थी,किस के बो लाल जिस ने गा के सुनाई थी।। बांस की बंसुरिया वो तो रत्न जड़ाई थी,यशोदा के लाल जिसने गा के सुनाई थी,ऐसी सुना जैसे उस दिन सुनाई थी।। काही की मटुकियाँ वो तो काये भराई सी,किस के वो … Read more