मन्ने ना छेड़ो जी नंदलाल मटकिया सिर पे गिरजागी
मन्ने ना छेड़ो जी नंदलालमटकिया सिर पे गिरजागीराधे धीरे धीरे चालकमर में लचकी पड़ जागी सर पे गिरजागी मटकिया सर पे गिरजागीराधे धीरे धीरे चालकमर में लचकी पद जागी मेरी मटकिया बनी माटी कीना पीतल लोहे की देदे तोड़ा सा माखन राधेबात माने कान्हा की छ्चीना च्चीने मेंदही बिखर जागी राधे धीरे धीरे चालकमर में … Read more