चाहे जितना ले ले कान्हा काहे को तरसता है
चाहे जितना ले ले कान्हा काहे को तरसता है Chahe Jitna Lelo Kanha Kahe Ko Tarasta Hai चाहे जितना ले ले कान्हा काहे को तरसता है,ये प्यार भगतो की कुटिया में बरसता है,चाहे जितना ले ले कान्हा काहे को तरसता है कुटिया का हर तिनका मिलने को तरसता है,कुतिया के छपर से बस प्रेम टपकता … Read more