जन्नत का नजारा है वृंदावन तुम्हारा गलियों में
जन्नत का नजारा है,वृंदावन तुम्हारा गलियों मेंहमने इसकी मोहन मोहन पुकाराजन्नत का नजारा है।। तुमसे लगाई यारी ठुकरा के दुनिया सारी,अब होश नही मुझको जब से हुई तुम्हारीजुड़ने लगा है मुझसे मोहन अब नाम तुम्हाराजन्नत का नजारा है।। मोहन आस्था से खाली कोई न जाएहर दिल की जानता है बिगड़ी को ये बनायेइक पल में … Read more