झूला झुले राधा नन्द किशोर
झूला झुले राधा नन्द किशोर सावन का महीना घटायें घनघोर झूला झुले राधा नन्द किशोर,सावन का महीना घटायें घनघोर,आज कदम्ब की डाली,झूला झुले राधा नन्द किशोर।। प्रेम हिंडोले बैठे श्याम बिहारी,झूला झुलाये सारी ब्रज की नारी,जोड़ी लागे प्यारी ज्यूँ चंदा और चकोर,आज कदम्ब की डाली झुलें राधा नन्द किशोर।। सावन का महीना घटायें घनघोर,सावन का … Read more