अब जमुना तट पर मनमोहन क्यों रास रचाना भूल गये
अब जमुना तट पर मनमोहन क्यों रास रचाना भूल गये लिरिक्स अब जमुना तट पर मनमोहन,क्यों रास रचाना भूल गये,सखियाँ माखन ले आई है,क्यों माखन खाना भूल गये।। हम तरस रहे तेरे दर्शन को,कब दर्शन दोगे साँवरिया,मुझे जबसे लगी है तेरी लगन,मैं हो गई रे बाँवरिया,वो मोर मुकुट और बांकी अदा,क्यो मुरली बजाना भूल गये,अब … Read more