होली खेलें नन्द लाल वृन्दावन कुंज गलिन में

होली खेलें नन्द लाल वृन्दावन कुंज गलिन में Holi Khel Rahe Nand Lal Vrindavan Kunj Galin Me होली खेलें नन्द लाल वृन्दावन कुंज गलिन मेंनंद गांव का छोरा है बरसाने की छोरा हैनंद गांव का छोरा है बरसाने की छोरा है कान्हा काला काला है राधा गोरी गोरी हैकान्हा काला काला है राधा गोरी गोरी … Read more

होली खेल रहे बांके बिहारी आज रंग बरस रहा होली भजन

आए फाग खेलनगोपाल बरसाने में गावे ख़यालदे दे तालउर हर्षत है इत ते किशोरी गोरीसखियाँ के यूथ महा लेके अबीर पेकपोल परसत हैलेके अबीर पेकपोल परसत है कंचन पिचकारीताकि मारी बिहारी ने लाल बलबीर अंग प्रति दर्शत हैलाल बलबीर आंग प्रति दर्शत है छतन ते छजन तेझरोखें ते मोखन ते आज नंदलाल पे गुलाल बरसत … Read more

हरि खेल रहे ब्रज में होली

हरि खेल रहे ब्रज में होली,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। कौन गांव के कृष्ण कन्हाई,और कहा के राधा गोरी,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। गोकुल के है कृष्ण कन्हाई,बरसाने की राधा गोरी,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। का रंग मेरे कृष्ण कन्हाई,का रंग है राधा गोरी,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। श्याम रंग मेरे … Read more

मैं तो साँवरिया की होली रे

नंद लाला ने बरसाने में खेली ऐसी होली रेमैं तो साँवरिया की होली रेतन मन चोला सारी चुनर भीज गयी मेरी कॉल रेमैं तो साँवरिया की होली रे।। गालान पे मेरे रंग लगाएकेतिरछे तिरछे नैन चलाएकेकह गयो मीठी बोली रेमैं तो साँवरिया की होली रे।। जीवन के सब राग बदल गयेसोते सोते भाग्या बदल गये … Read more

कान्हा हट को हठीलो रंग डाल गयो रे

ओ राधा मैं तुम्हारे साथहोली खेलना चाहता हूक्या तुम मेरे साथ होली खेलोगी भर पिचकारी बिहारीडारी मार गयो रेकान्हा हट को हठीलोरंग डाल गयो रे कर वरज़ोरी ये बाइया मरोरीबिगर गयो चुनरिया मोरीमोरी काया रंगीली कर डाई मोरीहोली जान के खेलो डट डट खेलो कर होशियारी हमारी सारी फाड़ गयो रेकर होशियारी हमारी सारी फाड़ … Read more

छुप छुप के आना कान्हा छुप छुप के रे

लेके रंग गुलाल हरा पीला या लालमेरे सपने सजना रेछुप छुप के आना कान्हा छुप छुप के रेहोली मानने आना छुप छुप के रे मैं भी अवँगी वृंदावन सखियो के संगवादा करती तुमको करूँगी ना तंग सबके नज़ारे चुराके सबसे नज़ारे चुराकेचुप चुप के आना कान्हा छुप छुप के रेहोली मानने आना छुप छुप के … Read more

कैसे भूलू मैं मुरली की तान संवारे

कैसे भूलू मैं मुरली की तान संवारेकैसे भूलू यमुना का घाट सांवरेआया होली का त्यौहार उड़े रंग और गुलालअपनी राधा को भूल गए श्याम सांवरे।। अपने कान्हा को ऐसा न सतानातेरा कान्हा है तेरा दीवानाअजाना मेरी जान राधिके।। फागुन का ये मस्त माहिना आज ब्रज में होलीलाल गुलाबी रंग देंगे तुझको बरसाने की गोरी।। पास … Read more