ऐ श्याम तेरी मुरली की क़सम हम तुमसे मुहब्बत कर बैठे
ऐ श्याम तेरी मुरली की क़सम,हम तुमसे मुहब्बत कर बैठे,तेरी बाँकी अदा पर ए मोहन,दिल हम तो अपना दे बैठे,ऐ श्याम तेरी मुरली की क़सम,हम तुमसे मुहब्बत कर बैठे।। हमने ये सुना तू छलिया है,और सबको छलता रहता है,तुम वादा करके नहीं आए ,हम अपनी जान गँवा बैठे,ऐ श्याम तेरी मुरली की क़सम,हम तुमसे मुहब्बत … Read more