मन मोहन कृष्णा मुरार

मोहना मोहना मोहनामन मोहन कृष्णा मुरारअरे ओ नटखट नंद दुलारक्यो हुंसे रूठ गयेसंवारे क्यो हुंसे रूठ गये।। तेरी लीला है अप्रम पारअरे ओ करुणा के भंडारक्यो हुंसे रूठ गयेसंवारे क्यो हुंसे रूठ गये।। सुंदर छवि तेरी मन में बसाईकैसे सहे कान्हा तोरी जुदाई।। बहे आँखियो से अश्को की धारसुनो ओ जाग के पालन हारक्यो हुंसे … Read more