सुन तरले गरीबा दे
युगा तो विच जालंधर वसदीमाँ सुन तरले गरीबा दे,दुनिया दे ठुकाराया दीफड़ ली बाह सुन तरले गरीबा दे।। बेचैनी विच हर पल लंगदाचैन न जिंदगी पावे,दया दी मूरत हो केक्यों माँ तरस न तनु आवे,झुलस रहा कर महरा दी छा,सुन तरले गरीबा दे।। हूँ ता वैरी हो गया लगदाअपना ही परशावा,तू ता सहारा देके सिद्धकर … Read more